जब कोई अपना सदियों बाद फिर से मिल जाता है, तब दिल और दिमाग दोनों ही कुछ अलग अंदाज में अपने जज्बात बयान करते हैं और कहते हैं कि--
तुम्हारे लौट आने से खुशी भी लौट आयी है
मेरी धूमिल पड़ी पहचान मुझे फिर से दिलायी है
कई वर्षों से उजड़ा था जो बाग़ उसमें आज,
न जाने क्यूँ वही रिमझिम घटाये लौट आयी हैं
अभी तक हर एक लोकतांत्रिक देश को चलाने के लिए चार pilar सबसे महत्त्वपूर्ण माने गए हैं
1. संसद
2 क़ार्यपालिका
3 न्यायपालिका
4 मीडिया
मेरे हिसाब से एक महत्वपूर्ण स्तम्भ और भी है जो किसी भी देश की आर्थिक स्थिति के विकास का मानक है और वे हैं
5 इंजीनियर
ये मेरा मानना है मुझे उम्मीद है कि बहुत जल्द किताबों में संशोधन होगा और एक नाम और जुड़ेगा---
तब कहता हूँ कि
किसी का दर्द कम करके उसे जीना सिखाना है
मेरा जो भी बचा जीवन किसी के काम लाना है
कई जीते हैं दिल के देश पर मालूम है मुझको
सिकंदर हूँ मुझे रोज खाली हाथ जाना है
जीवन का सम्बन्ध प्रेम से बहुत ही अजीबो -गरीब ढंग का रहा है , अगर सही चले तो दिलों पर राज करते हैं और गलत चलने पर बर्बादी नसीब होती है, हम कुछ भी कर लें लेकिन इश्क से बचना बहुत मुश्किल है -----
बहुत शोहरत बहुत दौलत के हम हक़दार बन बैठे
सभी से जीतकर सूबे के हम सरदार बन बैठे
मगर जब इश्क ने अपनी रियासत में कदम डाला
तो हम जाकर महल में उनके पहरेदार बन बैठे
मैं राष्ट्रीय प्राद्यिीगिकी संस्थान सिलचर का छात्र होने के नाते बस इतनी आरजू रखता हूँ और गुजारिश करता हूँ कि --
रहो इस जुस्त -जू में तुम कि ,सिलचर स्वर्ग बन जाए
करो कुछ काम मिलकर तुम,कि जो इतिहास बन जाए
ये वह संस्थान है जिसने कई दिग्गज बनाये हैं
मैं चाहता हूँ यही किस्सा, किताबों में पढ़ा जाए
(नितिन प्रताप सिंह)। …… haqiqatjindgiki.blogs.com
great line bro.... keep it up
ReplyDeleteThanks bhai
ReplyDeletenise
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