.......Falling crutch.......
Holi at a home where de facto weathering of a prosperous life holds it's feet firmly.
लोग खुशियों के रंग में नहाए हुए हैं।
अनगिनत बैठकें सब लगाए हुए हैं।
बस मेरा घर ही है, जो विरक्ति में है,
हम ग़मों के रंगों में नहाए हुए हैं।
यूँ तो ज़ाहिर कभी कुछ नहीं था मगर,
तेरे किस्से सभी को सुनाए हुए हैं।
देख ले भाई अब रुख़सती में तेरी,
माँ ने आँसू रंगों में मिलाए हुए हैं।
हो सके तो महज़ ख्वाब में ही दिखो,
कई रातों से पलकें सजाए हुए हैं।
......✍.
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