“सफलता
की तैयारी”
इस “साधारण और खुद के अनुभवों से प्रेरित” पुस्तक को लिखा जरुर मैंने है लेकिन सच बात तो ये है कि-इसकी वजह वो हर
एक विध्यार्थी है जो प्रतिभा का धनी होते हुए भी महज संसाधनों एवम् उचित
मार्गदर्शन के अभाव में खुद को अंधकार भारी दुनियाँ में खो देता है ,जहाँ आतंकवाद,चोरी,और दासता का
शाशन फलने-फुलने लगता है,और तब जन्म होता है अलकायदा,अल्फा,आईएसाई जैसे आतंकवादी संगठनों का जो सीरिया
जैसे देशों में मानवता को तबाह कर,दुनियाँ को ये दर्शाना
चाहते हैं कि नियति और प्रकृति में उनसे बड़ा कोई नहीं है!मेरी तमन्ना थी कि अपनी
कमियाँ,अपने अनुभव,व अपने अंतर्मन के
विचारों को उस हर युवा तक पहुंचा दूँ जो मुझे पढ़ कर ये महेसूस करे कि सफलता किसी
एक धर्म,समुदाय,जाति के हिस्से मे नही
है और न ही ग़रीबी-अमीरी से प्रभावित है,सफलता तो बस उसी की
दासी है जिसने इसे पाने के लिए एक लंबे समय से तैयारी की है,जो
बीच बीच मे गिरा जरुर था लेकिन हारा नहीं,जो विसम
परिस्थितियों में विचलित तो हुआ लेकिन,डरा नहीं बल्कि लड़ता
रहा और एक दिन जीत ने उसे ही गले लगाया! मैंने प्रत्येक वाक्यांश को जीवंत बनाने
का प्रयास किया है,क्यूँकि मैंने इसे जिया है,मेरी उम्र के साथियों मेरी कोशिश है कि वो हर वक्तव्य आपके समक्ष प्रस्तुत
करूँ जो भविष्य में कहीं न कहीं कभी न कभी आपके काम आ सके,जो
आपको आपकी मंजिल तक सफर को आसान बनाने में आपकी मदद करे !आप बेहतर से बेहतर कर
सकें,अपने आप पर गर्वांवित करने के बजाय स्वयं को सफलता की
प्रप्ति के लिये प्रयासरत रखें ताकि सफल होने के बाद आपके माता-पिता,आपके भाई-बहेन,आपका गांव,आपका
जिला,आपका प्रदेश,और आपका देश आप पर
गर्व करे !......................
सभी चाहते हैं कि कुछ अच्छा
बनें,लेकिन सभी ये नहीं चाहते
कि कुछ अच्छा करने के लिये जी-जान से मेहनत भी करें,सफलता का
कोई छोटा माध्यम नहीं है,जब मेहनत और लगन से तैयारी की जाती
है,तब रास्ते खुद व खुद छोटे लगने लगते हैं!............
बहुत जल्द ही मेरी पुस्तक आप लोगों के समक्ष होगी मेरे प्रयास जारी हैं...
बहुत जल्द ही मेरी पुस्तक आप लोगों के समक्ष होगी मेरे प्रयास जारी हैं...
मुझे सुनना होगा...

साहब
ReplyDeleteआप के तरानो के प्रशंसक ही नही हम दीवाने है, हमें आगामी पुस्तक का व्यग्रता से इंतजार है
आपकी खिदमत में ये शेर कि
आफताब से महताब से नही, खुदा के नूर से रात और दिन बदलता है ;
ये शिद्दत, ये मेहनत ,ये जहमत है जिससे नितिन उभरता है.
thanks devesh
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