कभी जीना कभी मरना कभी आंसू बहाना है
कभी रुकना कभी चलना सफर फिर कट ही जाना है
अगर दिल में तमन्ना हो हमेशा जीत जाने की
उसे एक दिन सिकंदर की तरह फिर जीत जाना है
किसी का दर्द काम करके उसे जीना सिखाना है
मेरा जो भी बचा जीवन किसी के काम लाना है
कई जीते हैं दिल के देश पर मालूम है मुझको
सिकंदर हूँ मुझे एक रोज़ खाली हाथ जाना है
बिना मेहनत के तख्तो ताज हासिल नहीं होते
बहुत नजदीक इस दरिया के अब नहीं साहिल होते
बहुत कुछ जानने के बाद ये मालुम हुआ मुझको
क्यों आखिर चाय वाले सब कभी मोदी नहीं बनते
मुझे अब हार में भी जीत का एहसास रहता है
मुझे मिल जायेगी मंजिल मेरा विश्वाश कहता है
मुझे आदत नहीं है अब कोई ठहराव लाने की
मैं उस दरिया का पानी हूँ जो बस बहता ही रहता है
सुबह निकला हुआ सूरज शाम तक ढल ही जाता है
जो रखता है जलन दिल में वो अक्सर जल ही जाता है
जिन्हें मेहनत से ज्यादा अब तलक कुछ और न भाया
उन्हें उनका जुनूँ फिर मंजिलों तक ले ही जाता है
हमारी जिंदगी में इश्क भी होना जरूरी है
बहुत पाना अगर जब है तो कुछ खोना जरुरी है
हमेशा जीत जाने से बुलंदी मिल नहीं जाती
बुलंदी के लिए फिर हार जाना भी जरूरी है
.......... नितिन प्रताप सिंह।
कभी रुकना कभी चलना सफर फिर कट ही जाना है
अगर दिल में तमन्ना हो हमेशा जीत जाने की
उसे एक दिन सिकंदर की तरह फिर जीत जाना है
किसी का दर्द काम करके उसे जीना सिखाना है
मेरा जो भी बचा जीवन किसी के काम लाना है
कई जीते हैं दिल के देश पर मालूम है मुझको
सिकंदर हूँ मुझे एक रोज़ खाली हाथ जाना है
बिना मेहनत के तख्तो ताज हासिल नहीं होते
बहुत नजदीक इस दरिया के अब नहीं साहिल होते
बहुत कुछ जानने के बाद ये मालुम हुआ मुझको
क्यों आखिर चाय वाले सब कभी मोदी नहीं बनते
मुझे अब हार में भी जीत का एहसास रहता है
मुझे मिल जायेगी मंजिल मेरा विश्वाश कहता है
मुझे आदत नहीं है अब कोई ठहराव लाने की
मैं उस दरिया का पानी हूँ जो बस बहता ही रहता है
सुबह निकला हुआ सूरज शाम तक ढल ही जाता है
जो रखता है जलन दिल में वो अक्सर जल ही जाता है
जिन्हें मेहनत से ज्यादा अब तलक कुछ और न भाया
उन्हें उनका जुनूँ फिर मंजिलों तक ले ही जाता है
हमारी जिंदगी में इश्क भी होना जरूरी है
बहुत पाना अगर जब है तो कुछ खोना जरुरी है
हमेशा जीत जाने से बुलंदी मिल नहीं जाती
बुलंदी के लिए फिर हार जाना भी जरूरी है
.......... नितिन प्रताप सिंह।
Bahut hi accha likha hai bhai :)
ReplyDeleteThanks Pranshu...
ReplyDeleteThanks Pranshu...
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