तलाश जारी रहे हमारी,कि जब तलक मंजिलें न आएँ।
प्रवाह प्रणय का रहे निरंतर, कि जब तलक रंजिशें न जाएं।
है जिंदगी ये बड़ी अमानत, महज इसे तुम ख़तम न करना,
इसे बनाना, इसे सजाना कि जब तलक सांसें थम न जाएं।
रहो सहज और विनम्र ऐसे कि लोग तुमको शीश झुकाएँ।
हो तेज इतना ललाट में कि, सभी तुम्हारा बखान गाएँ।
ये जिंदगी है उधार उनकी,समय के रहते उन्हें चुकाना,
मदद गरीबों की करना ऐसे कि, मरके भी न तुम्हें भुलाएँ।
तलाश जारी रहे हमारी,कि जब तलक मंजिलें न आएँ।
प्रवाह प्रणय का रहे निरंतर, कि जब तलक रंजिशें न जाएं।
तलाशते बस रहो मोहब्बत कि, जब तलक इश्क हो न जाए।
निभाओ रिश्ते हदों में रहकर कि, कोई उंगली उठा न पाये।
कसम खुदा की यकीन मानो, कोई मनोरथ कठिन नहीं है,
करो निरन्तर प्रयास ऐसे कि, कोई तुमको मिटा न पाए।
तलाश जारी रहे हमारी,कि जब तलक मंजिलें न आएँ।
प्रवाह प्रणय का रहे निरंतर, कि जब तलक रंजिशें न जाएं।
जलाते रहना शमा से दीपक कि, चाँद जब तक निकल न आए।
तपाना खुद को हदों से बढ़कर,कि सूर्य खुद में लजा न जाये।
विजय के पथ पर हमेशा रहना बड़ी चुनौती से कम नहीं है,
संभाल लेना विजय पताका कि कोई इसको गिरा न पाये।
तलाश जारी रहे हमारी,कि जब तलक मंजिलें न आएँ।
प्रवाह प्रणय का रहे निरंतर, कि जब तलक रंजिशें न जाएं।
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